24 घंटे के भीतर नेपाल इंटरपोल को देगा गायब पासपोर्ट्स की जानकारी

काठमांडू। गायब पासपोर्ट्स को लेकर नेपाल सरकार ने अहम फैसला किया है। निर्देश जारी किया गया है कि गुम हुए, चोरी हुए या रद्द किए गए नेपाली पासपोर्ट का विवरण 24 घंटे के भीतर इंटरपोल को दिया जाना अनिवार्य होगा। “इंटरपोल के साथ गुम हुए, चोरी हुए और रद्द किए गए पासपोर्ट की जानकारी अपडेट करने की प्रक्रिया, 2026” के तहत, विदेश मंत्रालय ने यह नियम बनाया है कि ऐसे पासपोर्ट की जानकारी इंटरपोल के ‘स्टोलन एंड लॉस्ट ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स’ (एसएलटीडी) डेटाबेस में अपडेट की जानी चाहिए। इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गनाइजेशन (इंटरपोल) दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय पुलिस संगठन है, जो 196 सदस्य देशों की कानून लागू करने वाली एजेंसियों को जोड़ता है। जानकारी अपडेट करने के मकसद से, पासपोर्ट विभाग ऐसे मामलों को संभालने के लिए अधिकारियों को नियुक्त करेगा और एक सिस्टम के जरिए तालमेल बिठाने की कोशिश करेगा। विभाग गायब या चोरी हुए पासपोर्ट का रिकॉर्ड भी रखेगा और नेपाल पुलिस के इंटरपोल नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के साथ तालमेल बिठाएगा। बुधवार को शुरू की गई प्रक्रिया में कहा गया है कि दी जाने वाली जानकारी में पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज का प्रकार, पासपोर्ट नंबर, जारी होने की तारीख, एक्सपायरी की तारीख, खोने, चोरी होने या रद्द होने की तारीख और उस जगह का संभावित पता जैसी जानकारी शामिल होनी चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि इस नियम का मकसद संबंधित एजेंसियों के बीच समय पर जानकारी साझा करने को संस्थागत बनाना और यह पक्का करना है कि नेपाल द्वारा जारी खोए या चोरी हुए पासपोर्ट की जानकारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध हो, ताकि उनके संभावित गलत इस्तेमाल को रोका जा सके। आतंकवाद, संगठित अपराध, मानव तस्करी, अवैध अंतरराष्ट्रीय यात्रा या गलत इस्तेमाल के अन्य तरीकों से जुड़े तत्काल जोखिम वाली जानकारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और बिना देरी के आगे भेजा जाना चाहिए। प्रक्रिया के अनुसार, यदि कोई पासपोर्ट खो जाता है या चोरी हो जाता है, तो पासपोर्ट धारक या उनके अधिकृत प्रतिनिधि को पासपोर्ट विभाग को लिखित रूप में सूचित करना होगा। यदि पासपोर्ट धारक विदेश में है, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से निकटतम नेपाली राजनयिक मिशन को सूचित करना होगा। ऐसी जानकारी मिलने पर, पासपोर्ट विभाग को अपने सिस्टम में पासपोर्ट नंबर और अन्य उपलब्ध जानकारी खोजनी होगी, आवेदक की पहचान और पासपोर्ट की जानकारी की पुष्टि करनी होगी, और दस्तावेज की वास्तविक स्थिति का पता लगाना होगा। इसके बाद सिस्टम में पासपोर्ट को “खोया हुआ” या “चोरी हुआ” के रूप में चिह्नित किया जाना चाहिए, और इसके इस्तेमाल को रोकने के लिए जरूरी कंट्रोल लागू किए जाने चाहिए। इसके बाद जरूरी जानकारी तैयार करके नेपाल पुलिस के नामित अधिकारी या इंटरपोल नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (एनसीबी), काठमांडू को भेजी जानी चाहिए। इसी तरह, विदेशों में नेपाली राजनयिक मिशनों को पासपोर्ट के खोने या चोरी होने की रिपोर्ट मिलने के बाद पासपोर्ट की जानकारी की पुष्टि करनी होगी और तुरंत पासपोर्ट विभाग को जानकारी भेजनी होगी। उन्हें संबंधित व्यक्ति को यह भी बताना होगा कि पासपोर्ट का इस्तेमाल अब और नहीं किया जा सकता।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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