खार्ग द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकर पर हमला: तेहरान का अमेरिका पर आरोप, बढ़ा तनाव

तेहरान। ईरान के प्रमुख तेल टर्मिनल खार्ग द्वीप के आसपास शनिवार को कई धमाकों की आवाज सुनी गई। ईरान की मीडिया ने इसकी जानकारी दी। हालांकि धमाकों के स्रोत की तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के मुताबिक धमाकों की आवाज सुनाई दी, लेकिन घटनास्थल के ऊपर धुआं दिखाई नहीं दिया। वहीं, ईरानी समाचार एजेंसी एसएनएन ने दावा किया कि खार्ग द्वीप के पास एक ईरानी तेल टैंकर को अमेरिका ने निशाना बनाया। प्रेस टीवी के मुताबिक, स्थानीय सूत्र ने बताया कि खार्ग द्वीप से करीब छह समुद्री मील दूर एक ईरानी टैंकर पर अमेरिकी बलों की ओर से चार प्रोजेक्टाइल दागे गए। हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। टैंकर के चालक दल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अधिकारियों की ओर से फिलहाल टैंकर को हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। घटना की परिस्थितियों और हमले की प्रकृति की जांच की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच टकराव बढ़ गया है। सोमवार को अमेरिकी सैन्य बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में लारक द्वीप पर हमला किया था, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई। मंगलवार को खुझेस्तान प्रांत के अहवाज और अघाजरी के आसपास तीन स्थानों पर अमेरिकी मिसाइल हमलों में सात लोगों की मौत और आठ अन्य के घायल होने का दावा किया गया था। इसी दिन होर्मोजगान प्रांत के कुहस्तक में एक रिहायशी इमारत को भी निशाना बनाए जाने की बात सामने आई। बताया गया कि उस समय वहां शादी का समारोह चल रहा था। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत और 68 लोग घायल हुए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। इन हमलों के जवाब में ईरान के सशस्त्र बलों ने इराक, जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। ईरान के खात्म अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई जारी रहती है तो ईरान की प्रतिक्रिया और अधिक व्यापक तथा गंभीर हो सकती है। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के साथ सैन्य सहयोग करने वाले देशों को भी इसके संभावित परिणामों की चेतावनी दी है। खार्ग द्वीप ईरान के लिए बेहद रणनीतिक महत्व रखता है, क्योंकि यह देश के प्रमुख कच्चे तेल निर्यात टर्मिनलों में से एक है। ऐसे में इसके आसपास किसी भी सैन्य घटना से न केवल क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकता है, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा बाजार पर भी असर पड़ने की आशंका है।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Video Post

Quick Link