राकेश रोशन ने अपनी काबिलियत से दर्शकों पर छोड़ी अमिट छाप, फिल्म ‘खुदगर्ज’ ने तोड़ा था दिल

मुंबई बॉलीवुड अभिनेता और फिल्म निर्माता राकेश रोशन रविवार को अपना 77वां जन्मदिन मनाएंगे। उनका जन्म 6 सितंबर 1949 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने अपने अभिनय के साथ ही निर्देशन से लोगों के दिलों पर एक अलग छाप छोड़ी। वर्ष 1970 में उन्होंने बॉलीवुड में एंट्री ली और अपने करियर की शुरुआत की। वर्ष 1984 तक उन्होंने 80 से ज्यादा फिल्मों में काम कर लिया था। अपने अभिनय से उन्होंने फैंस के दिलों पर एक अलग छाप छोड़ी। इसके बाद राकेश रोशन ने अभिनय छोड़कर फिल्मों को डायरेक्ट करने का निर्णय लिया। वर्ष 1980 में उन्होंने अभिनय करने के साथ ही एक प्रोडक्शन हाउस खोला। इसी प्रोडक्शन हाउस के माध्यम से राकेश रोशन ने फिल्म ‘क्राफ्ट’ और फिल्म ‘आप की दीवानी’ बनाई। फिल्म ‘खुदगर्ज’ के साथ राकेश रोशन ने निर्देशन के फील्ड में कदम रखा। उन्होंने ‘किशन कन्हैया’, ‘करण-अर्जुन’ जैसी फिल्में भी बनाईं। राकेश रोशन ने वर्ष 2000 में अपने बेटे ऋतिक रोशन को लॉन्च करने का निर्णय लिया। फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ में उन्होंने ऋतिक रोशन को कास्ट किया। इस फिल्म में अमीषा पटेल ने बतौर अभिनेत्री काम किया था। यह फिल्म दर्शकों के दिलों पर छा गई। पिता-पुत्र की जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस पर खूब सुर्खियां बटोरी। इसके बाद राकेश रोशन ने बेटे ऋतिक के साथ ‘क्रिस’, ‘कोई मिल गया’ जैसी फिल्में बनाईं। इन फिल्मों ने भी कमाल किया और दर्शकों को खूब पसंद आईं। वे अपनी सभी फिल्मों के नाम ‘के’ से रखते हैं। वे इसे शुभ मानते हैं। राकेश रोशन के सिर पर बाल नहीं होने के पीछे की कहानी भी काफी दिलचस्प है। वर्ष 1987 में आई फिल्म ‘खुदगर्ज’ से उनको काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इस फिल्म ने उनको काफी निराश किया। यह फिल्म दर्शकों के दिलों पर छाप नहीं छोड़ पाई थी। उन्होंने मन्नत मांगी थी कि अगर यह फिल्म हिट होगी तो तिरुपति बाला जी में बाल दान करेंगे। फिल्म हिट नहीं हुई तो उन्होंने कसम खा ली कि वे हमेशा गंजे ही रहेंगे

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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