सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को कहें अलविदा, इन 6 पौष्टिक पौधों को अपनी डाइट का बनाएं हिस्सा

नई दिल्ली। आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय औषधीय पौधे बोर्ड ने राष्ट्रीय पोषण सप्ताह (1-7 सितंबर) के दौरान संपूर्ण पोषण के लिए 6 औषधीय पौधे का इस्तेमाल करने का सलाह दी है। जिनमें शतावरी, मोरिंगा, आंवला, ब्राह्मी, गिलोय और तुलसी शामिल हैं। राष्ट्रीय औषधीय पौधे बोर्ड ने एक्स पोस्ट में कहा, “माइक्रोन्यूट्रिएंट (सूक्ष्म पोषक तत्वों) की कमी को कहें अलविदा! इन 6 पौष्टिक पौधों को अपनी रोजाना की डाइट का हिस्सा बनाएं।” राष्ट्रीय औषधीय पौधे बोर्ड ने बताया कि शतावरी को पारंपरिक रूप से महिलाओं की सेहत और ऊर्जा के लिए इस्तेमाल की जाती है। यह ताकत और अच्छी सेहत बनाए रखने में मदद कर सकती है। पाचन को बेहतर बनाने के लिए पारंपरिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जाती है। मोरिंगा में पोषक तत्वों से भरपूर पत्तियां जिनमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल होते हैं। संतुलित आहार में योगदान दे सकती हैं। पारंपरिक रूप से ऊर्जा और अच्छी सेहत के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। आंवला विटामिन सी और प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत है। पारंपरिक रूप से पाचन और अच्छी सेहत के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। ब्राह्मी पारंपरिक रूप से याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल की जाती है। तनाव को कम करने और मानसिक सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। नर्व सेल्स को पोषण देती है और दिमाग की सेहत को बेहतर बनाती है। गिलोय पारंपरिक रूप से इम्यून सिस्टम और सेहत को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल की जाती है। मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने में मदद कर सकती है।आयुर्वेद में इसे त्रिदोष शामक माना जाता है। वात, पित्त और कफ को संतुलित करने में मदद करती है। तुलसी पारंपरिक रूप से सांस की सेहत के लिए इस्तेमाल की जाती है। शरीर को तनाव से निपटने और अच्छी सेहत बनाए रखने में मदद कर सकती है। प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और एडाप्टोजेनिक गुणों से भरपूर है।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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