‘हमें खुद पर भरोसा था, मैच शूटआउट में नहीं जाने देना चाहते थे’, पाकिस्तान के खिलाफ मिली रोमांचक जीत पर बोले मंदीप सिंह

काकामिगहारा। भारतीय मेंस हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। रोमांच से भरे सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 4-3 से शिकस्त दी। जीत के बाद भारतीय खिलाड़ी मंदीप सिंह ने कहा कि टीम चाहती थी कि मैच को किसी भी तरह से शूटआउट में न जाने दिया जाए। भारत और पाकिस्तान का स्कोर 3-3 की बराबरी पर चल रहा था और मुकाबला शूटआउट की तरफ बढ़ रहा था। हालांकि, मैच के अंतिम मिनट में अभिषेक ने विजयी गोल दागते हुए भारत को फाइनल का टिकट दिलाया। मंदीप ने ‘आईएएनएस’ के साथ बात करते हुए कहा, “हमने पहले दो क्वार्टर में काफी अच्छी हॉकी खेली, लेकिन तीसरे और चौथे क्वार्टर में हमारा थोड़ा स्ट्रक्चर बिगड़ गया था। इन्हीं गलतियों की वजह से गोल हुए। हालांकि, हमें भरोसा था कि चाहे जैसे भी हो हमें इस मुकाबले को निकालना है और शूटआउट में लेकर नहीं जाना है। अंत में वही चीज हुई और हमने आखिरी 40 सेकंड में गोल किया।” मंदीप ने कहा कि टीम सेमीफाइनल मैच से सीख लेगी कि खासतौर पर चौथे क्वार्टर में टीम को अपना स्ट्रक्चर सही रखना है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम फाइनल को जीतकर एशियन गेम्स में लगातार दूसरा गोल्ड मेडल जीतने का प्रयास करेगी। वहीं, जरमनप्रीत सिंह ने कहा कि टीम के लिए इस मैच को जीतना बेहद जरूरी था, क्योंकि टीम का शुरुआत से लक्ष्य गोल्ड मेडल जीतकर ओलंपिक 2028 के लिए क्वालीफाई करना था। मैच के दौरान भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। इस पर बात करते हुए जरमनप्रीत ने कहा कि सेमीफाइनल जैसे मैचों में ऐसे पल आना भी जरूरी होता है, क्योंकि इन पलों से मैच का रोमांच बना रहता था। उन्होंने कहा कि मुकाबले में हर खिलाड़ी ने अपना 100 प्रतिशत देने की कोशिश की। जरमनप्रीत ने कहा कि गोल्ड मेडल मैच से पहले टीम अपनी गलतियों में सुधार करने की कोशिश करेगी और फाइनल में बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने पाकिस्तान टीम के प्रदर्शन की भी सराहना की, जिन्होंने सेमीफाइनल में भारत को कड़ी टक्कर दी। भारतीय खिलाड़ी संजय ने माना कि सेमीफाइनल जैसे मुकाबले ऐसे ही कड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि स्कोर पर ज्यादा ध्यान न देकर टीम के सभी खिलाड़ी एक-दूसरे को मोटिवेट करते रहे। संजय ने कहा कि मैच के बीच में स्कोर क्या है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है, बल्कि 60 मिनट के बाद स्कोर क्या रहता है यह महत्वपूर्ण होता है। पाकिस्तान के खिलाफ मैच में होने वाले अतिरिक्त दबाव को लेकर बात करते हुए संजय ने कहा कि विपक्षी टीम से कोई फर्क नहीं पड़ता है। उन्होंने कहा कि टीम के सभी खिलाड़ी इस बात का ध्यान रखने की कोशिश करते हैं कि वह सभी प्लान के हिसाब से खेलें और बाहरी शोर पर अधिक ध्यान न दें।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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