मेघालय: तुरा मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की भारी कमी, योग्य फैकल्टी सदस्यों की पहचान के लिए उठाए जा रहे कदम

 शिलांग। मेघालय में प्रस्तावित तुरा मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी की भारी कमी बनी हुई है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के नियमों के अनुसार, हर साल 50 एमबीबीएस छात्रों के दाखिले के लिए 97 टीचिंग स्टाफ की जरूरत होती है, जबकि अभी सिर्फ 37 टीचिंग स्टाफ ही मौजूद हैं। इस संबंध में अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी दी। सरकारी मेडिकल कॉलेज को शुरू करने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण आयुक्त और सचिव डॉ. जोरम बेडा की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से समीक्षा की गई। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज को चालू करने में टीचिंग फैकल्टी की कमी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। विभाग ने कहा कि वह इस कमी को पूरा करने के लिए एक साल से ज्यादा समय से काम कर रहा है और योग्य फैकल्टी सदस्यों की पहचान करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इन कोशिशों में नौकरी कर रहे इच्छुक और योग्य डॉक्टरों की पहचान करना, टीचिंग स्टाफ की भर्ती के लिए तीन बार अलग-अलग विज्ञापन निकालना और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी को दूर करने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए तुरा में मौजूद डॉक्टरों से बातचीत करना शामिल था। इन कोशिशों के बावजूद उपलब्ध फैकल्टी सदस्यों की संख्या एनएमसी की जरूरत से काफी कम है। इस स्थिति को देखते हुए, समीक्षा बैठक में यह सुझाव दिया गया कि तुरा सिविल अस्पताल परिसर में बन रहे 150-बिस्तर और 80-बिस्तर वाले अस्पताल ब्लॉक का काम पूरा किया जाए और उन्हें मरीजों की देखभाल के लिए चालू किया जाए। अधिकारियों ने कहा कि इस कदम से यह पक्का हो जाएगा कि तुरा में बनाया जा रहा बड़ा हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर गारो हिल्स इलाके के लोगों को फायदा पहुंचाना शुरू कर दे, भले ही मेडिकल कॉलेज तुरंत पूरी तरह से चालू न हो पाए। इन अतिरिक्त सुविधाओं से तुरा सिविल अस्पताल में बेड की कुल क्षमता में भी काफी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इस अस्पताल को प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज से जुड़े टीचिंग हॉस्पिटल के तौर पर काम करने के लिए तैयार किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने से स्वास्थ्य सेवा की तत्काल जरूरतों और मेडिकल कॉलेज की लंबी अवधि की जरूरतों, दोनों को पूरा करने में मदद मिलेगी। समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक, तुरा सिविल अस्पताल और तुरा एमसीएच अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट और मैनपावर असेसमेंट कमेटी के सदस्य शामिल थे। उम्मीद है कि अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर का काम आगे बढ़ने के साथ-साथ अधिकारी जरूरी टीचिंग स्टाफ की व्यवस्था करने की कोशिशें जारी रखेंगे।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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