बैंक कर्मचारियों की हर शनिवार छुट्टी की रिपोर्ट को सरकार ने किया खारिज

नई दिल्ली। बैंक कर्मचारियों की हर शनिवार छुट्टी की सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही रिपोर्ट को सरकार ने गुरुवार को यह कहते हुए खारिज कर दिया है कि वित्त मंत्रालय की ओर से ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत आने वाले पीआईबी की फैक्ट चेक यूनिट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “सोशल मीडिया पर वित्त मंत्रालय (वित्तीय सेवा विभाग) का बताया जा रहा एक राजपत्र वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि केंद्र सरकार ने एसबीआई समेत सभी पब्लिक सेक्टर बैंकों के लिए हर शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है।” पोस्ट में आगे बताया गया,”जो दस्तावेज वायरल हो रहा है वह फर्जी है। वित्त मंत्रालय ने ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की है, जिसमें सरकारी बैंकों के लिए हर शनिवार को अवकाश घोषित किया गया हो।” सोशल मीडिया पर “भारत का राजपत्र” नाम से एक दस्तावेज वायरल हो रहा था, जिसमें लिखा हुआ था कि विनिमय लेख अधिनियम, 1881 (1881 का 26) की धारा 25 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारत सरकार, लोकहित में, सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (जिसमें भारतीय स्टेट बैंक भी शामिल है) की सभी शाखाओं में, प्रत्येक शनिवार को साप्ताहिक अवकाश के रूप में घोषित करती है। साथ ही कहा कि यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू होगी। इससे पहले सरकारी बैंक कर्मचारियों ने सप्ताह में 5 दिन कार्यदिवस को लेकर 28-30 सितंबर तक की हड़ताल का ऐलान किया था। हालांकि, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बीच रविवार रात हुई बैठक में विभिन्न लंबित मुद्दों पर विचार-विमर्श के बाद आंदोलन और हड़ताल के कार्यक्रम को स्थगित करने पर सहमति बनी। यूएफबीयू के मुताबिक, रविवार रात करीब 9:30 बजे आईबीए और यूएफबीयू के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। विस्तृत चर्चा के बाद शेष शनिवार को बैंक अवकाश घोषित करने सहित विभिन्न मुद्दों पर आगे बातचीत और समाधान की प्रक्रिया जारी रखने का फैसला किया गया। इसके बाद यूएफबीयू ने अपने प्रस्तावित आंदोलनात्मक कार्यक्रमों और हड़ताल को टालने पर सहमति जताई। बैठक में तय किया गया कि बैंकों में शेष शनिवार को भी अवकाश घोषित करने के मुद्दे पर विचार के लिए आईबीए और यूएफबीयू की एक उच्चस्तरीय समिति तत्काल गठित की जाएगी। यह समिति पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह से जुड़े सभी संभावित विकल्पों पर विचार करेगी। इसके साथ ही विभिन्न हितधारकों से चर्चा कर ऐसा समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा, जो कर्मचारियों और अन्य पक्षों के साथ-साथ बैंक ग्राहकों के लिए भी स्वीकार्य हो।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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