जहीर खान: इंजीनियरिंग छोड़कर लिया क्रिकेटर बनने का फैसला, विश्व कप 2011 की खिताबी जीत का अहम चेहरा रहे

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाजी में नई जान फूंकने और वनडे विश्व कप 2011 में भारत को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले जहीर खान बुधवार को 48 वर्ष के हो चुके हैं। एक क्रिकेटर के तौर पर शुरू हुआ जहीर का करियर अब बदल चुका है, लेकिन एक तेज गेंदबाज के तौर पर उनका प्रभाव आज भी बरकरार है। 8 अक्टूबर 1978 को महाराष्ट्र के श्रीरामपुर में जन्मे जहीर का ताल्लुक एक साधारण परिवार से रहा है। जहीर शुरुआत में इंजीनियरिंग करना चाहते थे और उन्होंने कॉलेज में अपना नामांकन करा भी लिया था, लेकिन इंजीनियरिंग के साथ क्रिकेट खेलना उन्होंने जारी रखा था। मुंबई के लिए स्थानीय क्रिकेट खेलते हुए जहीर पर कोच नाइक की नजर पड़ी। नाइक, जहीर की प्रतिभा से प्रभावित हुए और उन्हें इंजीनियरिंग की जगह क्रिकेट पर फोकस करने की सलाह दी। इस सलाह ने सिर्फ जहीर की जिंदगी नहीं बदली, बल्कि भारतीय क्रिकेट को एक ऐसा तेज गेंदबाज दिया, जिसे देखकर युवा खिलाड़ी प्रेरित होते हैं। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जहीर खान की गेंदबाजी विविधताओं से भरी है। उनके पास स्विंग, यॉर्कर, बाउंसर के साथ स्लोअर गेंद फेंकने की अद्भुत क्षमता थी, जिससे विपक्षी बल्लेबाज हमेशा खौफ में रहते थे। मुंबई और बड़ौदा के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले जहीर ने 2000 में अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। 2014 में खेले अपने आखिरी मैच तक तीनों फॉर्मेट में वह भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का प्रमुख चेहरा रहे। चोटों से प्रभावित रहे करियर में जहीर ने भारत के लिए 92 टेस्ट, 200 वनडे और 17 टी20 मैच खेले। टेस्ट में उनके नाम 311, वनडे में 282 और टी20 में 17 विकेट रहे। जहीर खान का भारत को वनडे विश्व कप में चैंपियन बनाने में अहम योगदान रहा था। वह टूर्नामेंट में भारत के सफलतम गेंदबाज थे और शाहिद अफरीदी के साथ संयुक्त रूप से पहले नंबर पर थे। जहीर ने 9 मैचों में 21 विकेट लेकर भारतीय टीम को दूसरी बार वनडे क्रिकेट का चैंपियन बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। अमूमन बाएं हाथ के गेंदबाज बाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए मुश्किल खड़ी नहीं कर पाते, लेकिन जहीर ने अपने जमाने के दिग्गज बाएं हाथ के बल्लेबाजों को कई बार आउट किया। इसमें सनथ जयसूर्या, कुमार संगाकारा, ग्रीम स्मिथ, हेडन जैसे दिग्गज बल्लेबाज शामिल थे। उन्होंने 100 आईपीएल मैचों में उन्होंने 102 विकेट लिए। जहीर ने अक्टूबर 2015 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। 2020 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया। संन्यास के बाद वह आईपीएल में मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ अलग-अलग भूमिकाओं में जुड़े रहे हैं। आईपीएल 2026 के लिए चेन्नई सुपरकिंग्स ने जहीर को अपना हेड कोच बनाया है। सीएसके के साथ उनकी नई भूमिका ने क्रिकेट फैंस को रोमांचित किया है।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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