भारतीय शेयर बाजार अन्य क्षेत्रीय बाजारों की तुलना में कर सकता है अच्छा प्रदर्शन: रिपोर्ट

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार इस साल डॉलर में 15.6 प्रतिशत गिरने के बाद भी अन्य क्षेत्रीय बाजारों की तुलना में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है। साथ ही, अगले वित्त वर्ष में कॉरपोरेट आय में 17 प्रतिशत तक की बढ़त हो सकती है। जेफरीज के इक्विटी स्ट्रैटेजी के ग्लोबल हेड क्रिस वुड द्वारा तैयार की गई ‘एशिया मैक्सिमा’ रिपोर्ट में एमएससीआई एसी एशिया पैसिफिक (जापान को छोड़कर) इंडेक्स में 10.5 प्रतिशत के वेटेज के मुकाबले भारत के लिए 12 प्रतिशत आवंटन की सिफारिश की गई थी। स्थानीय मुद्रा में निफ्टी 13.4 प्रतिशत नीचे है और इंडोनेशिया (जिसमें 42.3 प्रतिशत की गिरावट आई है) के बाद दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला मार्केट है। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत की संरचनात्मक विकास की कहानी बरकरार है और डेटा भी मजबूत बना हुआ है। वुड का मानना है कि वित्त वर्ष 27 में भारत की रियल जीडीपी वृद्धि दर 6.5-7 प्रतिशत के बीच रह सकती है। वहीं, नॉमिनल जीडीपी वृद्धि दर 11-12 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसके अलावा, चालू वित्त वर्ष में कॉरपोरेट आय वृद्धि दर 14 प्रतिशत और अगले वित्त वर्ष में यह 17 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सितंबर के मध्य तक बैंक क्रेडिट में साल-दर-साल 18.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, अगस्त में कॉर्पोरेट लोन 21.6 प्रतिशत बढ़े, छोटे, मध्यम और सूक्ष्म उद्यमों (एमएसएमई) को दिए गए लोन में 25.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई और जमा राशि में 17.3 प्रतिशत का इजाफा हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, कॉर्पोरेट लोन में बढ़ोतरी से संकेत मिलता है कि निजी क्षेत्र का लंबे समय से प्रतीक्षित पूंजीगत व्यय चक्र आखिरकार शुरू हो सकता है। इसके अलावा, अगस्त में समाप्त 12 महीनों में मशीनरी का आयात कुल 66 अरब डॉलर रहा, जबकि वित्त वर्ष 2021 में यह 29 अरब डॉलर था। वुड ने यह भी बताया कि 2025 की शुरुआत से 10.7 प्रतिशत की गिरावट के बाद भारतीय रुपया शायद अपने निचले स्तर पर पहुंच गया है।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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