आज जो हो रहा है, उसके लिए केंद्र की मोदी सरकार जिम्मेदार हैं: प्रियंका गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प और नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जुबानी हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है और युवाओं की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है। प्रियंका गांधी ने कहा कि आज जो हालात देश में दिखाई दे रहे हैं, उसके लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिम्मेदार हैं। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या देश के लोकतांत्रिक इतिहास में कभी ऐसा देखा गया है कि सरकार के अपने सांसद संसद के बाहर प्रदर्शन करने को मजबूर हों? कई सत्रों से संसद सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है और सरकार अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है। सरकार को कमजोर और कायर बताते हुए, उन्होंने कहा कि वह लोकतांत्रिक तरीके से विरोध का सामना करने में असफल रही है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि जो युवा सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं, वे आतंकवादी नहीं बल्कि देश के भविष्य हैं। प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं, जिससे छात्र अपने परिवारों से संपर्क तक नहीं कर सके। छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, लाठीचार्ज किया गया और उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जो किसी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकता। प्रधानमंत्री मोदी बच्चों की चिंता जताते हुए संदेश देते हैं, लेकिन पिछली रात उन्हीं बच्चों पर आंसू गैस छोड़ी जाती है और उन्हें पीटा जाता है। आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। नीट समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक के मुद्दे पर प्रियंका गांधी ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक हुए, लेकिन एक भी मामले में दोषियों को सजा नहीं मिली। जब देश की हर उपलब्धि, चाहे वह अंतरिक्ष मिशन हो, ओलंपिक या एशियाई खेलों में सफलता, का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी लेते हैं, तो फिर युवाओं के भविष्य से जुड़े संकट और पेपर लीक जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी भी उन्हें ही लेनी चाहिए। प्रियंका गांधी ने कहा कि आज देश का युवा अपने भविष्य को लेकर निराश महसूस कर रहा है। यदि हजारों छात्र अपने अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं, इंटरनेट बंद किया जा रहा है और उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है, तो इसकी जवाबदेही प्रधानमंत्री की है। यदि प्रदर्शन के दौरान किसी भी छात्र के साथ कोई अनहोनी होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी भी केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर होगी।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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