जल जीवन मिशन और पोलावरम के लिए केंद्र सरकार समय पर जारी करे फंड : सीएम नायडू

अमरावती । आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात की और जल जीवन मिशन-अमरजीवी जलधारा कार्यों और पोलावरम परियोजना के लिए समय पर फंड जारी करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री नायडू ने पोलावरम परियोजना की प्रगति और हाल ही में 30,000 करोड़ रुपए की लागत से शुरू किए गए जल जीवन मिशन-अमरजीवी जलधारा कार्यों की जानकारी दी। बता दें कि पोलावरम परियोजना आंध्र प्रदेश के एलुरु और पूर्वी गोदावरी जिलों में गोदावरी नदी पर स्थित एक प्रमुख बहुउद्देशीय राष्ट्रीय सिंचाई परियोजना है। दो दिवसीय दिल्ली दौरे के तहत मुख्यमंत्री नायडू ने सीआर पाटिल से मुलाकात की और बताया कि पोलावरम का काम तेज गति से चल रहा है, जिसका लक्ष्य अगले साल गोदावरी पुष्करम तक परियोजना को पूरा करके राष्ट्र को समर्पित करना है। यहां जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्रीय मंत्री से ओडिशा और छत्तीसगढ़ से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों को सुलझाने का भी आग्रह किया। उन्होंने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा पोलावरम परियोजना के तहत ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बनने वाले सुरक्षात्मक तटबंधों के लिए लंबित जन सुनवाई के संबंध में जारी स्टॉप वर्क ऑर्डर को स्थायी रूप से वापस लेने का अनुरोध किया। हालांकि यह आदेश अभी स्थगित है, मुख्यमंत्री ने इसे स्थायी रूप से वापस लेने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय मंत्रालय से ओडिशा और छत्तीसगढ़ सरकारों के साथ समन्वय करने और उन्हें जन सुनवाई प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए मनाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री नायडू ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की अध्यक्षता में आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि सहयोग, समन्वय और लेनदेन की भावना से तीनों राज्यों के व्यापक हित में इस मुद्दे को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि पोलावरम में 41.15 मीटर कंटूर तक पानी रोकने के लिए जरूरी पुनर्वास और पुनर्स्थापन कार्यों में तेजी लाई जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विस्थापित परिवारों की समस्याओं को हल करने और आरएंडआर (रोल्स एंड रिस्पांसिबिलिटीज) कार्यों को पूरा करने को परियोजना के निर्माण के साथ-साथ समान प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि पोलावरम के लिए फंड की कोई कमी न हो। बैठक में परियोजना में 45.72 मीटर कंटूर तक पानी रोकने के लिए जरूरी उपायों और कार्यों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि गोदावरी का हजारों टीएमसी बाढ़ का पानी बर्बाद होकर समुद्र में बह रहा है और पट्टीसीमा परियोजना के जरिए पानी को मोड़ने और उपयोग करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। पोलावरम को एक प्रमुख पर्यटन और आध्यात्मिक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में प्रोद्दटूर में शुरू किए गए जल जीवन मिशन-अमरजीवी जलधारा कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश में करीब 95 लाख ग्रामीण परिवार हैं, जिनमें से 62 लाख के पास पहले से ही नल के पानी का कनेक्शन है। उन्होंने कहा कि हाल ही में 27 लाख और ग्रामीण परिवारों को पेयजल कनेक्शन देने के कार्यों की आधारशिला रखी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इन कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और केंद्रीय मंत्री से काम की प्रगति के अनुसार तुरंत फंड जारी करने का अनुरोध किया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय मंत्री को दक्षिणी राज्यों में नदियों को जोड़ने के फायदों के बारे में भी बताया।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Video Post

Quick Link