टाटा मोटर्स ने वित्त वर्ष 2030 तक सालाना 12 लाख से अधिक पैसेंजर वाहन बेचने का रखा लक्ष्य

नई दिल्ली। टाटा मोटर्स ने बुधवार को अपने पैसेंजर व्हीकल कारोबार के लिए अगले पांच वर्षों का महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया। कंपनी ने वित्त वर्ष 2030 तक सालाना 12 लाख (1.2 मिलियन) से अधिक पैसेंजर वाहनों (पीवी) की बिक्री, घरेलू पैसेंजर वाहन बाजार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी और 1.4 लाख करोड़ रुपए के राजस्व का लक्ष्य तय किया है। इस योजना के तहत कंपनी उत्पाद विकास और विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 40,000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी।  बुधवार को वर्चुअल माध्यम से आयोजित कंपनी की 81वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए टाटा मोटर्स के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2020 से वित्त वर्ष 2030 के बीच पैसेंजर वाहन बिक्री को 10 गुना बढ़ाना है। उन्होंने कहा, “अगले पांच वर्षों के लिए कंपनी ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। वित्त वर्ष 2020 से वित्त वर्ष 2030 के दशक में हम 10 गुना बिक्री वृद्धि हासिल करना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य 12 लाख से अधिक वाहनों की वार्षिक बिक्री और मौजूदा 14.2 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी को बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाना है।” कंपनी अगले पांच वर्षों में अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को मजबूत करने के लिए छह नए मॉडल लॉन्च करेगी और 20 से अधिक मौजूदा मॉडलों को अपडेट करेगी। साथ ही लाभप्रदता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। टाटा मोटर्स का लक्ष्य डबल डिजिट ईबीआईटीडीए मार्जिन हासिल करना है। इसके अलावा, दशक के अंत तक कंपनी की कुल पैसेंजर वाहन बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक होने की उम्मीद है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ शैलेश चंद्रा ने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष 2031 तक 1.4 लाख करोड़ रुपए के राजस्व का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके साथ ही डबल डिजिट ईबीआईटीडीए मार्जिन और 5 प्रतिशत से अधिक ईबीआईटी मार्जिन हासिल करने की योजना है। उन्होंने कहा, “वित्त वर्ष 2031 तक टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का लक्ष्य 1.4 लाख करोड़ रुपए का राजस्व, डबल डिजिट ईबीआईटीडीए मार्जिन और 5 प्रतिशत से अधिक ईबीआईटी मार्जिन हासिल करना है। इससे कंपनी का कर-पूर्व लाभ (पीबीटी) मौजूदा स्तर से पांच गुना से अधिक हो जाएगा।” चंद्रा ने बताया कि इस विकास रणनीति को लागू करने के लिए कंपनी नए उत्पादों और विनिर्माण क्षमता विस्तार पर लगभग 40,000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। साथ ही कंपनी का लक्ष्य 10,000 करोड़ रुपए का फ्री कैश फ्लो हासिल करना भी है।

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