दिल्ली जल बोर्ड ने 50,000 पेंशनर्स के लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा शुरू की

नई दिल्ली। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने सोमवार को 50,000 पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए एक व्यापक कैशलेस मेडिकल सुविधा शुरू की। इससे उन्हें पहले से भुगतान किए बिना और बाद में रीइम्बर्समेंट (खर्च की गई रकम की वापसी) मांगे बिना हेल्थकेयर सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी। इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री प्रवेश वर्मा, भाजपा विधायक और दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के मेयर प्रवेश वाही शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत शुरू की गई है। इस अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेवा के 25 साल और देश की सेवा के प्रति उनके समर्पण को चिह्नित करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सीएम रेखा ने कहा, “इसके तहत, दिल्ली जल बोर्ड के उन हजारों कर्मचारियों और अधिकारियों की जरूरतों को पूरा किया जा रहा है, जिन्होंने विभाग में सेवा की है।” उन्होंने कहा कि कैशलेस मेडिकल सुविधा से रिटायर हो चुके डीजेबी कर्मचारियों और उनके परिवारों को बहुत जरूरी मदद मिलेगी, खासकर जीवन के उस पड़ाव पर जब उन्हें हेल्थकेयर के लिए ज्यादा मदद की जरूरत होती है। उन्होंने कहा, “जीवन के इस पड़ाव पर, जब उन्हें सरकारी मदद की जरूरत थी, तब तक उन्हें कैशलेस मेडिकल सुविधा नहीं मिल पा रही थी। हमारी सरकार की ओर से दी जा रही यह कैशलेस सर्विस डीजेबी के सभी पेंशनभोगियों के लिए बहुत बड़ी मदद है। अब वे आसानी से अपना इलाज करवा सकेंगे।” मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि इस नई सुविधा के शुरू होने से पहले, दिल्ली जल बोर्ड के रिटायर्ड कर्मचारियों को पहले अपने इलाज का खर्च खुद उठाना पड़ता था और फिर पैसे वापस पाने (रीइम्बर्समेंट) के लिए अधिकारियों के पास जाना पड़ता था। प्रवेश वर्मा ने कहा, “हमने ऐसे 50,000 पेंशनभोगियों को कैशलेस सेवा का विकल्प दिया है। यह उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग थी लेकिन यह अब तक पूरी नहीं हुई थी। हमने सोचा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ इस योजना को शुरू करने का सबसे अच्छा समय है।” भाजपा विधायक और दिल्ली जल बोर्ड के वाइस चेयरमैन सतीश उपाध्याय ने आईएएनएस से ​​बात करते हुए कहा कि यह योजना उन कर्मचारियों की मदद की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिन्होंने कई दशकों तक विभाग की सेवा की है। उपाध्याय ने कहा, “सेवा संकल्प अभियान के तहत, हमारे दिल्ली की मुख्यमंत्री ने 50,000 पेंशनभोगियों के लिए एक कैशलेस योजना शुरू की है, जिन्होंने जल बोर्ड में 30 से 40 साल तक काम किया है और अपना जीवन इसके लिए समर्पित किया है। उनके स्वास्थ्य सेवा की चिंता को दूर करना एक बहुत ही संवेदनशील और सोच-समझकर लिया गया निर्णय है।” आईएएनएस से ​​बात करते हुए एमसीडी के मेयर प्रवेश वाही ने भी इस पहल का स्वागत किया और इसे लागू करने का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी की सोच और दिल्ली सरकार को दिया। वाही ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी की सोच और इसे लागू करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करता हूं। पहले, हमारे जल बोर्ड के जो अधिकारी और कर्मचारी रिटायर हो चुके थे और 60 साल से अधिक उम्र के थे, उन्हें इलाज के लिए भागदौड़ करनी पड़ती थी। उन्हें अपने इलाज का खर्च खुद उठाना पड़ता था और बाद में पैसे वापस पाने के लिए आवेदन करना पड़ता था।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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