पवन कल्याण ने ‘ग्रेट ग्रीन वॉल’ पहल के लिए केंद्र से मांगी मदद

अमरावती। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने मंगलवार को राज्य की ‘ग्रेट ग्रीन वॉल’ पहल और 1,050 किलोमीटर लंबी तटरेखा के संरक्षण के प्रयासों के लिए केंद्र सरकार से मदद मांगी। दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात के दौरान उन्होंने ‘ग्रीन इंडिया मिशन’ के तहत ज्यादा मदद और विशाखापत्तनम में सोंटयम रोड प्रोजेक्ट के लिए तेजी से वाइल्डलाइफ मंजूरी की भी मांग की। आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने कहा कि उन्होंने आंध्र प्रदेश से जुड़े पर्यावरण और वाइल्डलाइफ संरक्षण की कई अहम पहलों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि उन्होंने ‘अरण्यराम कॉमन फैसिलिटी सेंटर (ट्रेनिंग और रिसर्च)’ को मंजूरी देने के लिए केंद्रीय मंत्री का धन्यवाद किया। डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने पवित्र गोदावरी नदी को म्युनिसिपल और इंडस्ट्रियल प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से सुझाव मांगे। साथ ही, एनएसटीआर क्षेत्र में बेस कैंप की मौजूदा संख्या को 90 से बढ़ाकर 150 करने के लिए भी केंद्र से मदद मांगी। इस पहल से वाइल्डलाइफ की सुरक्षा खासकर बाघों के संरक्षण को काफी मजबूती मिलेगी। साथ ही, स्थानीय चेंचु युवाओं के लिए ‘फॉरेस्ट वॉचर’ के तौर पर लगभग 300 रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे, जिससे संरक्षण और आदिवासी समुदायों की टिकाऊ आजीविका को एक साथ बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इन फॉरेस्ट वॉचर्स की गतिशीलता, कार्यक्षमता और कल्याण को बेहतर बनाने के लिए उन्हें मोटरसाइकिल और मुफ्त राशन की सुविधा देने में भी मदद मांगी, ताकि वे दूर-दराज के वन क्षेत्रों में बेहतर ढंग से काम कर सकें। पवन कल्याण ने पार्वतीपुरम जिले में इंसानों और जानवरों के बीच टकराव को कम करने के लिए ओडिशा से प्रशिक्षित ‘कुम्की’ हाथियों की जरूरत पर भी चर्चा की। साथ ही, उन्होंने आंध्र प्रदेश में बाघों की आबादी में जेनेटिक विविधता को बढ़ाने के लिए महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से बाघिनों को लाने के लिए भी बात रखने का अनुरोध किया। डिप्टी सीएम ने बताया कि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया और 12 अगस्त को ‘अंतर्राष्ट्रीय हाथी दिवस’ पर व्यक्तिगत रूप से आंध्र प्रदेश आने की इच्छा जताई। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने यह भी भरोसा दिलाया कि उनके दौरे से पहले इन प्रस्तावों से जुड़ी जरूरी मंजूरियों और स्वीकृतियों की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं, डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वे वनों की सुरक्षा, वाइल्डलाइफ के संरक्षण, इकोलॉजिकल सुरक्षा को मजबूत करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरा-भरा और टिकाऊ आंध्र प्रदेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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