मनीला। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने गुरुवार को मनीला में ब्रिटेन के नए विदेश मंत्री एड मिलिबैंड से मुलाकात की। दोनों की बतौर विदेश मंत्री ये पहली मुलाकात थी। दोनों ने हाल ही में लागू हुए भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए/सीईटीए) के बाद द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मनीला में ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड से पहली मुलाकात हुई। उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी। भारत-यूके एफटीए के लागू होने से बने सकारात्मक माहौल को आगे बढ़ाने और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति बनी।” इससे पहले मंगलवार को जयशंकर ने एड मिलिबैंड को ब्रिटेन का विदेश मंत्री नियुक्त किए जाने पर बधाई दी थी। उन्होंने कहा था कि भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय गति पकड़ी है और वह दोनों देशों के सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए मिलकर काम करने के इच्छुक हैं। एड मिलिबैंड मई 2005 से डोनकास्टर नॉर्थ से सांसद हैं। उन्हें सोमवार को ब्रिटेन का विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों का सचिव नियुक्त किया गया। इससे पहले वह जुलाई 2024 से जुलाई 2026 तक ऊर्जा सुरक्षा और नेट जीरो मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसी दिन एंडी बर्नहैम ने कीर स्टार्मर के पद छोड़ने के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का पद संभाला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि भारत और ब्रिटेन व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा और लोगों के बीच संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को और मजबूत करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस महीने भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) लागू होने के साथ दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी तथा विजन 2035 के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में नई गति मिलेगी। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में घोषणा की थी कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) और सामाजिक सुरक्षा समझौता 15 जुलाई से लागू हो गए हैं। सरकार के अनुसार, इस समझौते के तहत भारत के करीब 99 प्रतिशत निर्यात को ब्रिटेन के बाजार में शून्य सीमा शुल्क का लाभ मिलेगा, जिससे लगभग 100 प्रतिशत व्यापार मूल्य को कवर किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने इस समझौते को भारत-ब्रिटेन संबंधों में “एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर” बताते हुए कहा था कि इससे दोनों देशों के व्यवसायों, निवेशकों और कामगारों के लिए नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक संबंध पहले से अधिक मजबूत होंगे।











