नई दिल्ली। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने ग्लासगो में कॉमनवेल्थ खेल मंत्रियों की बैठक के दौरान कॉमनवेल्थ की चुनी हुई सेक्रेटरी-जनरल, शर्ली अयोरकोर बोचवे के साथ एक सार्थक द्विपक्षीय बैठक की। बातचीत के दौरान, मांडविया ने जमीनी स्तर पर भागीदारी बढ़ाने और प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से भारत के प्रमुख खेल सुधारों पर प्रकाश डाला, जिसमें ‘खेलो भारत नीति’ और ‘अस्मिता लीग’ जैसी पहल शामिल हैं। मांडविया ने एक्स पर लिखा, “ग्लासगो में कॉमनवेल्थ खेल मंत्रियों की बैठक के दौरान कॉमनवेल्थ की चुनी हुई सेक्रेटरी-जनरल, शर्ली अयोरकोर बोचवे के साथ एक सार्थक बैठक की।” उन्होंने लिखा, “भारत के क्रांतिकारी खेल सुधारों, जिनमें ‘खेलो भारत नीति’ और ‘अस्मिता लीग’ शामिल हैं, पर प्रकाश डाला। ये सुधार जमीनी स्तर पर खेलों को मजबूत कर रहे हैं, लैंगिक समावेशिता को बढ़ावा दे रहे हैं और देश भर में खेल उत्कृष्टता के लिए रास्ते बना रहे हैं।” दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय खेल साझेदारियों को गहरा करने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और व्यापार व निवेश में नए अवसर तलाशने के लिए ‘कॉमनवेल्थ एडवांटेज’ का लाभ उठाने के तरीकों पर भी चर्चा की, क्योंकि भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है। मांडविया ने बुधवार को कॉमनवेल्थ खेल मंत्रियों की बैठक में भाग लिया, जहां उन्होंने खेलों में भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा के बारे में बात की और ऐतिहासिक, टिकाऊ और यादगार 2030 शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए देश की तैयारी और अहमदाबाद की विश्व-स्तरीय तैयारियों की पुष्टि की। खेल मंत्री भारतीय प्रतिनिधिमंडल के नेता के रूप में ग्लासगो में हैं। ग्लासगो, कॉमनवेल्थ गेम्स के 2026 की मेजबानी कर रहा है। वह ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान विभिन्न समारोहों में भाग लेंगे और अहमदाबाद में 2036 ओलंपिक के लिए भारत की दावेदारी को गति देने के लिए अन्य देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों के साथ चर्चा करेंगे।











