यूसीसी का विरोध करने से पहले असदुद्दीन ओवैसी इस्लाम की शिक्षा पढ़े : आचार्य प्रमोद कृष्णम

 गाजियाबाद। यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पलटवार किया है। उन्होंने यूसीसी को समानता और सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार से जोड़ते हुए कहा कि इसका विरोध करने से पहले ओवैसी को इस्लाम की शिक्षाओं और समानता के सिद्धांत को समझना चाहिए। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हनुमान’ की तरह काम करते हैं। वहीं, ओवैसी और उनके समर्थकों के लिए उन्होंने तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वे अमित शाह से उसी तरह डरते हैं, जैसे उनके कथन के अनुसार लंका के राक्षस हनुमान से डरते थे। यूसीसी के विरोध को लेकर कृष्णम ने कहा कि इस्लाम में समानता की बात स्पष्ट रूप से कही गई है। सभी लोगों को बराबर अधिकार मिलना न्याय और समानता की भावना से जुड़ा विषय है। यूसीसी देश में रहने वाले सभी नागरिकों को समान अधिकार देने की दिशा में काम करता है। धर्म, जाति, भाषा, रंग या आर्थिक स्थिति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। कृष्णम ने इसे सनातन और इस्लाम, दोनों की मूल भावना के अनुरूप बताया। उन्होंने ओवैसी से यूसीसी का विरोध करने से पहले इस्लाम की शिक्षाओं को पढ़ने और समझने की अपील की। यूसीसी को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी पर भी आचार्य प्रमोद कृष्णम ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को महसूस हो गया है कि उनका ‘पीडीए’ राजनीतिक रूप से प्रभावी नहीं रहा, इसलिए वे नए मुद्दे की ओर बढ़ रहे हैं। कृष्णम ने पीडीए को ‘प्रोपेगेंडा, पाखंड, ड्रामेबाजी और अराजकतावाद’ से जोड़ा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव समय-समय पर पीडीए की अलग-अलग व्याख्या करते हैं। अखिलेश यादव को 2027 के बजाय 2032 के चुनाव की तैयारी करनी चाहिए। अखिलेश यादव अमेरिका, स्विट्जरलैंड और ब्राजील जाएं और भविष्य के चुनाव की तैयारी करें। अखिलेश यादव को लोहिया ट्रस्ट की कमान मिलने को लेकर चल रही राजनीतिक बहस पर कृष्णम ने कहा कि यह समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया की विचारधारा के संदर्भ में बड़ा विरोधाभास है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और लोहिया के नाम से जुड़े संस्थानों में वरिष्ठ नेताओं को धीरे-धीरे किनारे किया गया। मुलायम सिंह यादव से लेकर शिवपाल यादव तक कई वरिष्ठ नेताओं की भूमिका सीमित हुई और अखिलेश यादव पार्टी में एकछत्र नेतृत्व स्थापित करने में सफल रहे। अखिलेश यादव का मुख्य उद्देश्य चुनाव जीतने से ज्यादा पार्टी के भीतर अपना नेतृत्व मजबूत करना था। उमर खालिद को लेकर कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी पर भी आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के भीतर ऐसी बयानबाजी बढ़ रही है, जिसे वे राष्ट्रहित के खिलाफ मानते हैं। कांग्रेस के नेता आगे चलकर आतंकी संगठनों और आतंकवाद से जुड़े व्यक्तियों को भी देशभक्त बताने लगेंगे। इस दौरान उन्होंने अजमल कसाब, हाफिज सईद, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के नाम लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा।

Ayush Sharma
Author: Ayush Sharma

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